Thursday, October 23, 2008

कुछ तो कमी हो....

आदमी पूरा हुआ तो देवता बन जायेगा
कुछ कमी तो बाकी रहे ।
दुनिया की सारी खुशिया पाने के लिए भी
आखों में कुछ नमी बाकी रहे,

दुश्मनी में भी इतना मज़ा हो
की कही दोस्ती बाकी रहे ,
मेरे प्यार की उम्र इतनी हो की
अगले जनम तक मेरी याद बाकी रहे ,

मेरी आखों में ख़ुमार बाकि रहे ।
मेरी जुल्फ की कालिख में जब खो जाए तू
अपने प्यार के आगाज़ का एहसास बाकि रहे ।




4 comments:

  1. दुश्मनी में भी इतना मज़ा हो
    की कही दोस्ती बाकी रहे

    wah kya baat hai !!
    armaan ho to aisaa .

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  2. मेरी जुल्फ की कालिख में जब खो जाए तू
    अपने प्यार के आगाज़ का एहसास बाकि रहे ।
    सही कहा है आगाज़ का एहसास, एहसास को मरने नही देती

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